Tips For Product Manager: अगर बनना है सफल प्रोडक्‍ट मैनेजर, तो इन 6 बातों का रखें ध्‍यान

हाइलाइट्स

  • कौन होता है प्रोडक्‍ट मैनेजर?
  • जानें किन टिप्स की मदद से बनें सफल प्रोडक्‍ट मैनेज
  • किन गलतियों को करने से बचें?

How To Become A Product Manager: बाजार में जब भी कई नया प्रोडक्‍ट आता है तो वह एक बारगी लोगों के दिलो-दिमाग पर छा जाता है। हो सकता है कि कई ब्रांड्स के स्लोगन व पंच लाइन आपको भी याद हो। दरअसल, इस सबके पीछे प्रोडक्ट मैनेजर की बड़ी भूमिका होती है। बतौर प्रोडक्ट मैनेजर ऐसे लोग उपभोक्ता का मूड बहुत अच्छी तरह समझते हैं। उनमें प्रोडक्ट की ब्रांडिंग स्किल कमाल की होती है। किसी भी कंपनी का प्रोडक्‍ट इनकी देखरेख में ही बनते और लॉन्च होते हैं। यही वजह है कि कंपनियों के ब्रांड डेवलपमेंट विंग में इन दिनों प्रोडक्‍ट मैनेजर की बहुत डिमांड है। हालांकि इनका कार्य आसान नहीं होता है।

प्रोजेक्‍ट
कोई भी प्रोजेक्‍ट शुरू करने से पहले टीम की रचना करना जरूरी है। आमतौर पर देखा गया है कि प्रोजेक्‍ट के दौरान लोगों को नौकरी से निकाल दिया जाता है दूसरे लोगों को प्रोजेक्‍ट में नए सिरे से रखा जाता है, यह किसी भी प्रोजेक्‍ट के लिए नुकसानदायक होता है। प्रोजेक्ट टीम के चयन में प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका होती है, इसलिए उन्‍हें यह ध्‍यान रखना चाहिए कि प्रोजेक्‍ट के बीच में इस तरह की गलती न करें।

लोगों को प्रेरित करें
प्रोडक्‍ट मैनेजर को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए कि आपके यहां कर्मचारी क्यों हैं, ऐसी कौन सी चीज है जो उन्हें आपकी आर्गेनाईजेशन में बनाए रखती है और उन्हें कहीं और नहीं जाने देती। इसका कारण पैसा है ऐसा ना समझे ज्यादातर लोग इससे कहीं ज्यादा जटिल होते हैं। याद रखें, हमारी वैल्यूज ही हमें प्रेरित बनाए रखती हैं। अगर आप अपनी टीम की वैल्यूज का सम्मान करके उन्हें मैनेज करते हैं, तो वे आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर के दिखाएंगे। नियमित रूप से अपने कर्मचारियों से पूछे कि उन्हें अपनी जॉब कैसी लग रही है। उन्हें आपके साथ ईमानदारी बरतने के लिए प्रोत्साहित करें। फिर उन्होंने आपको जो कुछ बताया है उसके अनुरूप एक्शन लें।
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कर्मचारियों की करें प्रशंसा
एक सफल प्रोडक्‍ट मैनेजर अपने कर्मचारियों की काबिलियत और क्षमताओं को पहचान लेता है और वह समय-समय पर इन बातों के लिए उनकी सराहना करता रहता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि अच्छे मैनेजर जानते हैं कि खुश लोग ही उत्पादक या प्रोडक्टिव होते हैं। अपने कर्मचारियों की योग्यताओं की सराहना सार्वजनिक और निजी दोनों स्थतियों में प्रयास करें। उदाहरण के लिए, अपने बॉस के साथ एक मीटिंग में, ऐसी किसी चीज का जिक्र करें जो आपके एक वर्कर ने बहुत अच्छे से की हो। अगर आपके बॉस ने उस वर्कर को बताया कि आपने उसके बारे में कुछ अच्छी बात कही है, तो वह महसूस करेगा कि आप उसकी प्रशंसा करते हैं और इस प्रशंसा को बनाए रखने का प्रयास करेगा। इस प्रकार की तारीफ अनदेखी नहीं जाती।

लक्ष्‍य निर्धारित कर उसे करें पूरा
यह आईडिया जीवन के कई अलग-अलग क्षेत्रों में आजमाया जा सकता है, पर यह एक बेहतरीन मैनेजरियल मंत्र भी है। आप ऐसे व्यक्ति बनें जो मापे हुए लक्ष्यों का निर्धारण करता है और परिणाम उसके अनुसार लाता है। अपने लक्ष्यों को नपा-तुला रखने का अर्थ यह नहीं है कि आपको हमेशा रूढ़िवादी रहना चाहिए और ऊंचे लक्ष्य बनाने ही नहीं चाहिए। एक मैनेजर जो अपनी क्षमता से बड़ा लक्ष्य कभी बनाता ही नहीं है, उसे कम महत्वाकांक्षी माना जा सकता है, लेकिन ऐस लोग अपने कार्य को हर समय पर सही से पूरा करते हैं।
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सभी को कार्यभार सौपें
आप एक प्रोडक्‍ट मैनेजर हैं क्योंकि आप अपने काम में निपुण हैं, पर इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको सारा काम खुद ही करना है। एक मैनेजर के रूप में आपका काम दूसरे लोगों को यह सिखाना है कि अच्छा काम कैसे किया जाता है। इसलिए अन्‍य लोगों को ऐसे काम दें, जिन्हे गलत हो जाने पर सुधारा जा सकता हो। अपने कर्मचारियों के सीखने और सशक्त बनने के अवसर को स्वीकार करें। फिर धीरे धीरे जैसे आप उनकी सक्षमता और कमजोरियों को समझने लगें उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी वाले काम सौपें। ऐसी समस्याओं का पूर्वानुमान लगाना सीखें जो काम करते हुए उनके सामने आ सकती हैं ताकि आप उनके काम शुरू करने के पहले उन्हें सिखा सकें।

सभी के लिए दरवाजें खुले रखें
एक प्रोडक्‍ट मैनेजर के तौर पर आप लोगों को यह हमेशा याद दिलवाते रहें कि आप उनकी सभी समस्‍या और चिंताओं को भी सुनेंगे। कम्युनिकेशन का एक रास्ता खुला रखना आपको जल्दी समस्या की जानकारी मिलने में सहायक होगा, ताकि आप जितनी जल्दी संभव हो समस्या को सुलझा सकें। ऐसे मैनेजरों में से ना बने जो असावधानी से अपने कर्मचारियों के किसी समस्या या चिंता को उनके पास लेकर आने पर उन्हें ऐसा अहसास करवाते हैं कि कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहा है। इसे सुलझाने के लिए एक नए संकट के रूप में ना देखकर, एक ऐसे मौके के रूप में देखें जिसके द्वारा आप अपने कर्मचारी को दिखा सकते हैं कि आप इस आर्गेनाईजेशन को कितना ज्यादा संतुष्टि देने और काम करने योग्य स्थान बनाना चाहते हैं।

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