Study in America: बेहद कम खर्च पर अमेरिका में करें पढ़ाई, इन तरीकों से करें अप्लाई

Study In America After 12th: देश से हर साल लाखों युवा विदेश में जाकर पढ़ाई करने का सपना देखते हैं, खास कर अमेरिका में, लेकिन इसमें से कुछ ही छात्र ऐसे होते हैं जिनका यह सपना पूरा होता है। ज्यादातर छात्रों का सपना, सपना ही रह जाता है। इसका मुख्‍य कारण है कमजोर आर्थिक स्थिति। एजुकेशन के लिए विदेश जाकर पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों की समस्याएं अब खत्म होने वाली है। आज हम यहां बताएंगे कि बेहद कम खर्च में विदेश जाकर पढ़ाई कैसे पूरी कर सकते हैं। साथ ही कुछ ऐसे ही योजनाओं के बारे में बताएंगे जो सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं, जिसकी मदद से छात्रों को विदेश जाकर पढ़ाई करने का मौका मिल सकता है।

12वीं में एपी एग्‍जाम दें
अगर आप अमेरिका में कम फीस के साथ पढ़ाना चाहते हैं तो 12वीं में आते ही एपी क्रेडिट एग्‍जाम दें, यह एग्‍जाम यहां के विभिन्‍न कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है । इसमें पास होने पर आपकी फीस काफी कम हो जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर आपने इस परीक्षा में एपी क्रेडिट 4 पा लिया तो आप बहुत योग्‍य माने जाएंगे और आपकी फीस करीब 75 फीसदी तक कम हो जाएगी। एपी क्रेडिट एग्‍जाम 3 घंटे 15 मिनट का होता है।

जिसमें एक से लेकर 5 एपी क्रेडिट के बीच उम्‍मीदवारों को आंका जाता है और 3 या उससे अधिक क्रेडिट लाने वालों को अच्‍छा माना जाता है। देखा गया है कि छात्र एपी क्रेडिट हासिल कर करीब 40,000 डॉलर तक बचा लेते हैं, जो एक साल के शिक्षण शुल्क के बराबर। एक बार परीक्षा पास करने के बाद यह क्रेडिट आपको पूरी पढ़ाई के दौरान मिलती है।
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अमेरिका में पढ़ने के लिए स्‍कॉलरशिप
अमेरिका में पढ़ाई के दौरान स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स को बहुत मदद पहुंचाती है। स्कॉलरशिप के जरिए न केवल बच्चों का विदेश से हायर एजुकेशन का सपना पूरा हो सकता है, बल्कि उन्हें अमेरिका की बेस्ट यूनिवर्सिटीज से क्वालिटी एजुकेशन भी मिल सकती है। सैकड़ों छात्र प्रतिवर्ष स्‍कॉलरशिप की वजह से अपना सपना पूरा करते हैं। इसके लिए स्टूडेंट के पास बैचलर्स डिग्री जो यूएस के हिसाब से चार साल का कोर्स और तीन साल का वर्क एक्सपीरिएंस होना चाहिए। यह वर्क एक्सपीरिएंस उसी क्षेत्र का होना चाहिए, जिसमें स्टूडेंट पोस्टग्रेजुएशन करना चाहता है।

इसके अलावा अपनी एप्लीकेशन में लडरशिप, कम्यूनिटी सर्विस, कम्यूनिकेशन स्किल्स, कॉन्ट्रीब्यूशन टू नेशन बिल्डिंग और पढऩे के लिए अपने मोटिवेशन के बारे में हाइलाइट जरूर करें। इस समय ऐसे कइ्र स्‍कॉरशिप हैं जो अमेरिका की यूनिवर्सिटीज और इंडिया द्वारा दी जाती हैं। इसमें फुलब्राइट-नेहरू स्‍कॉलरशिप, टाटा स्‍कॉलरशिप, द ऑक्सफर्ड एंड कैंब्रिज सोसायटी ऑफ इंडिया स्कॉलरशिप और हावर्ड यूनिवर्सिटीज द्वारा दिया जाने वाला स्‍कॉलरशिप मुख्‍य रूप से शामिल है।
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पार्ट टाइम जॉब
कई संस्थान ऐसे भी हैं जो विदेश पढ़ने के लिए छात्रों को भेजती हैं, बशर्ते छात्रों को वहां पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब करने का मौका भी मिलता है, इस पार्ट टाइम जॉब्स से होने वाली कमाई से पढ़ाई का खर्चा और रहने का खर्चा आसानी से पूरा किया जा सकता है। विदेशी कल्चर की माने तो ऐसा देखा जाता है कि 18 वर्ष की उम्र के बाद ज्यादातर छात्र पढ़ाई के साथ-साथ छोटे-मोटे कोई जॉब भी कर रहे होते हैं।

एजुकेशन लोन का लें सहारा
विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक माध्यम है एजुकेशन लोन, एजुकेशन लोन लेकर छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। बता दें कि एजुकेशन लोन का जो ब्याज होता है वह अन्य लोन से कम होता है। ऐसे में एजुकेशन लोन लेकर पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी हासिल करके लोन चुकता की जा सकती है।

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