JEE, NEET एंट्रेंस एग्जाम की तैयार कर रहे इन छात्रों को मिलेगी कोटा में फ्री कोचिंग! मंत्री ने कही ये बातें

मेडिकल और इंजीनियरिंग में आगे की पढ़ाई करने के लिए JEE, NEET जैसे एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं और इन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के कमाने वाले सदस्य को कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के चलते खो दिया है, उन्हें कोटा राजस्थान में फ्री कोचिंग मिलनी चाहिए। यह बात, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक वीडियो कॉन्फेंसिंग के दौरान कही है।

19 मई, बुधावार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोटा के स्कूल संचालकों से कोरोना के कारण छात्रों की स्थिति को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, इस महामारी (कोरोना) के कारण जिन छात्रों के अपने माता-पिता या परिवार के कमाने वाले की मौत हुई है उन बच्चों की मदद करना और शिक्षा में सहयोग करना सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व है।

देश में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एक प्रमुख कोचिंग हब कोटा से सांसद बिड़ला ने शहर के कोचिंग संस्थानों के निदेशकों के साथ बैठक की और उनसे अनुरोध किया कि वे इस चुनौतीपूर्ण समय में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। इस महामारी के काल में सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ा है और अब उनके भविष्य पर एक प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है।

ओम बिरला ने कहा, ”ऐसे परिवारों को हमारी मदद की जरूरत है। यह हमारा सामाजिक उत्तरदायित्व है कि हम सब ऐसे बच्चों की मदद के लिए आएं, उनका भविष्य संवारने के लिए अपना योगदान दें।” साथ ही, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाजसेवी संगठनों को आगे आकर ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वे बच्चों के साथ भावनात्मक रिश्ता स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को जरूरत की चीजें मुहैया कराएं।

बिरला ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान स्कूल संचालकों और कोचिंग प्रबंधकों से भी ऐसे बच्चों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा, ”यह भी देखने की जरूरत है कि हम ऐसे बच्चों के भविष्य को संवार कर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाएं जो देश के नवनिर्माण में सक्रिय और सकारात्मक योगदान दे।” अध्यक्ष ने उनसे आग्रह किया कि वे ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा देकर उनके जीवन को एक नई दिशा दें।

ये भी पढ़ें:MH SET 2021: महाराष्ट्र सेट 2021 एग्जाम 26 सितंबर को, कोरोना के चलते ये है अपडेट, जानें कैसे करें Apply

उन्होंने स्कूल संचालकों से कहा कि, “अगर उनके स्कूल में ऐसा कोई बच्चा पढ़ता है तो ऐसे बच्चों से फीस की मांग न करें। अगर फीस को लेकर उन्हें कोई परेशानी है तो बताएं, फीस की व्यवस्था कर दी जाएगी।”

ये भी पढ़ें: NIOS Exams 2021: 10वीं की परीक्षा रद्द, 12वीं की स्थगित, जानें कब आएगी नई डेटशीट

बता दें कि, इससे पहले दिल्ली (Delhi government), उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh government) और मध्य प्रदेश (Madhya pradesh government) सरकारें भी कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी लेनी की घोषणा की है। इसके अलावा, कई राज्य सरकारों ने उन परिवारों को आर्थिक मदद देने की बात कही है जिन्होंने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया है।

RELATED ARTICLES

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Latest News