IIT Preparation: 11वीं से ही शुरू करें IIT JEE की तैयारी, ये आसान टिप्स करेंगी मदद

हाइलाइट्स

  • जानें जेईई की तैयारी कैसे करें
  • किन टिप्स की मदद से एग्जाम होगा क्लियर?
  • जानें जेईई के एग्जाम में कैसे आएंगे अच्छे मार्क्स

Tips For IIT JEE Exam: ज्यादातर छात्र कक्षा 11 में आईआईटी जेईई यानी जेईई मेन और जेईई एडवांस परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं। कक्षा 11 की शुरुआत में आपके पास जेईई सिलेबस को समय पर पूरा करने के लिए एक इफेक्टिव स्ट्रैटजी और शेड्यूल की योजना बनाने और उस टारगेट को पूरा करने के लिए पूरा समय होता है। कक्षा 11 में जेईई की तैयारी शुरू करते समय इन बातों को न भूलें

जेईई के पूरे सिलेबस के साथ आगे बढ़ें
सबसे पहले यह जान लें कि जेईई के लिए आपको क्या पढ़ना है। कक्षा 11 व 12 में आपको फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्स के चैप्टर पढ़ने होंगे। लेकिन जेईई का सिलेबस इससे बहुत ज्यादा बड़ा है। जब आप जेईई की तैयारी शुरू कर रहे हों तो जेईई के पूरे सिलेबस पर एक नजर डालें। जेईई मेन और जेईई एडवांस के सिलेबस के बारे में अलग-अलग टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। दोनों परीक्षाओं का सिलेबस लगभग समान है। क्वेश्चन का लेवल जेईई एडवांस में थोड़ा अधिक होता है। आपको जेईई मेन और जेईई एडवांस के लिए अलग से तैयारी करने की जरूरत नहीं है।

जेईई की तैयारी के लिए जरूरी किताबें और स्टडी मेटेरियल्स
आपको शुरुआत में ही यह तय करना होगा कि आप जेईई की तैयारी की किताबों, स्टडी मेटेरियल्स से पढ़ाई शुरू करना चाहते हैं, या किसी कोचिंग में शामिल होना चाहते हैं। कोचिंग में आपको जेईई स्टडी मेटेरियल्स मिलेंगे जो सिलेबस को कवर करने के लिए बहुत होते हैं। कोचिंग मॉड्यूल में जेईई लेवल के अनुसार सभी थ्योरी और क्वेश्चन होंगे। एनसीईआरटी की किताबें भी इसकी तैयारी के लिए बहुत अच्छी होती हैं।
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स्टडी शेड्यूल या टाइम टेबल तैयार करें
अपने दिन की शुरुआत टाइम टेबल के अनुसार करने से आप लगातार स्टडी करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। यदि आप एक निश्चत शेड्यूल को फॉलो नहीं कर पा रहे तो फिर अपनी कंफर्ट लेवल के अनुसार आगे बढ़ें। आप हर दिन स्टडी के न्यूनतम घंटों को तय कर सकते हैं, चाहे समय स्लॉट कुछ भी हो। जब भी आप पढ़ाई करें तो आपको पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। हर तरह के डिस्ट्रैक्शन से दूर करें। ध्यान रखें कि आप अपने डेली या वीकली टारगेट को पूरा कर रहे हैं।

बेसिक समझें, कॉन्सेप्ट को मजबूत करें
जेईई आपके बेसिक्स की जांच करता है। टफ कॉन्सेप्ट को जानने से पहले आपको आसान, बेसिक कॉन्सेप्ट को समझना होगा। कैसे शुरू करें?, मुझे कहां से शुरू करना चाहिए?, कब पढ़ाई करनी चाहिए? जैसे सवालों से भ्रमित न हों। अपने पसंदीदा विषय से शुरुआत करें। यह आपको परीक्षा के लिए अच्छी तैयारी करने का आत्मविश्वास देगा। पहले थ्योरी पार्ट को समझें और फिर प्रॉब्लम सॉल्व करने की प्रैक्टिस करें। यह कॉन्सेप्ट को बेहतर तरीके से समझने का तरीका है।

यदि आप किसी प्रॉब्लम को सॉल्व नहीं कर पा रहे हैं, तो थ्योरी को बार-बार तब तक पढ़ें जब तक आपको क्लियर न हो जाए। परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट और प्रश्नों को हल करने का पैटर्न महत्वपूर्ण है। पढ़ाई के साथ-साथ नोट्स भी लिखते रहें। इसमें आप इंपॉर्टेंट प्वाइंट्स, शॉर्टकट, फॉर्मूला, रिएक्शन, मिस्टेक्स आदि को शामिल कर सकते हैं।
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बेहतर विकल्प है कोचिंग
जेईई की तैयारी के लिए कक्षा 11 की शुरुआत में कोचिंग अच्छा विकल्प है। कोचिंग क्लासेस में आप अपने डाउट, क्वेश्चन कुछ भी पूछ सकते हैं जो कुछ भी आपको परेशान कर रहा है या टफ लग रहा है, एक्सपर्ट उसे आसान तरीकों से समझाते हैं।

लगातार तैयारी में लगे रहें
जेईई पास करने के लिए दृढ़ संकल्प होना चाहिए। ऐसे समय भी होंगे जब आपको चीजों को समझना और मैनेज करना टफ लगेगा। ऐसे में हिम्मत न हारें। तैयारी जारी रखें।

पढ़ाई करते हुए बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लें
यदि आप पढ़ाई के बीच में ब्रेक नहीं लेते हैं, तो आपको तैयारी के दौरान थकान महसूस होगी। पढ़ाई में ध्यान और एकाग्रता बनाए रखने के लिए लंबे अध्ययन के घंटों के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें। ब्रेक कुछ भी हो सकता है, थोड़ी सैर पर जाने से, कोई खेल खेलने से, या अपनी पसंद की कोई चीज देखने से आप रिफ्रेश महसूस करेंगे।

8 पढ़े हुए टॉपिक को लगातार रिवाइज करते रहें
IIT-JEE की तैयारी में काफी समय लगता है। आप विषयों को समझते हैं, प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं। समय के अनुसार पुराने कॉन्सेप्ट भूल सकते हैं। ऐसे में अच्छी तैयारी के लिए, लगातार रिवीजन जरूरी है। सोने से पहले हमेशा महत्वपूर्ण बिंदुओं का रिवीजन करें।
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बड़े रिजल्ट पाने के लिए छोटे लक्ष्यों पर फोकस करें
जेईई सिलेबस शुरू में बहुत बड़ा लगता है। आपको इसे मॉड्यूल में डिवाइड करने की आवश्यकता है। एक समय में एक टॉपिक लें और उससे संबंधित टारगेट को पूरा करने पर ध्यान दें। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, सिलेबस के अगले टॉपिक पर जाएं। थ्योरी को रिवाइज करें और सभी टॉपिक की प्रॉब्लम्स को सॉल्व करें।

अपनी लर्निंग और परफॉर्मेंस को मापते रहें
आपको अपने लर्निंग, स्पीट, एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट स्किल की जांच करने के लिए रेगुलर बेसिस पर टेस्ट देने की जरूरत है। आपको ऑनलाइन मॉक टेस्ट सॉल्व करने होंगे क्योंकि जेईई मेन और जेईई एडवांस दोनों कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित किए जाते हैं। एक टेस्ट को सॉल्व करने के बाद, टेस्ट में आपने जो सिली मिस्टेक्स किए हैं उसका पता लगाएं। आपका टारगेट अपने वीकर एरिया पर काम करना होना चाहिए और अगले टेस्ट में उन्हीं गलतियों को न दोहराएं। इस तरह आप तैयारी के दौरान दी जाने वाली प्रत्येक टेस्ट के साथ अपने स्कोर में सुधार कर सकते हैं।

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