COVID-19: केंद्र, राज्य सरकारें और कई यूनिवर्सिटी का ऐलान, अनाथ बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ मिलेंगे ये लाभ

हाइलाइट्स:

  • कोविड-19 के कारण अनाथ बच्चों की मदद का ऐलान।
  • दिल्ली और इलाहाबाद के बाद, IEC यूनिवर्सिटी देगी मुफ्त शिक्षा।
  • केंद्र और कई राज्य सरकारें भी कर चुकी हैं मदद की घोषणा।

दुनियाभर में कोरोना वायरस (COVID 19) महामारी के प्रकोप ने लाखों लोगों की जान ली है। भारत समेत कई देशों दूसरी लहर की त्रासदी को शायद ही भूल पाएंगे। इस महामारी चलते जिन लोगों ने अपनों को खोया है उनके लिए केंद्र और राज्य सरकरों ने राहत का हाथ बढ़ाया है। लेकिन अब यूनिवर्सिटीज़ भी कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को सहारा देने की लिए तैयार हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बाद एक और यूनिवर्सिटी ने अनाथ छात्रों का साथ देने की बात कही है।

केंद्र सरकार कर चुकी है ऐलान, ये है प्लान
कोविड-19 के चलते अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए केंद्र सरकार मदद का ऐलान कर चुकी है। मोदी सरकार ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा, मासिक भत्ता, स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये की सावधि जमा यानी एफडी देगी। 23 वर्ष वर्ष की उम्र में अपनी निजी और व्यवसायिक जरूरतें पूरी करने के लिए ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ से 10 लाख रुपये की रकम दी जाएगी।

इन राज्यों ने भी की मदद की घोषणा
कोरोना वायरस के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए कई राज्य सरकार भी अपनी-अपनी योजनाओं की घोषणा कर चुकी हैं। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्य शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सभी बीजेपी शासित राज्यों के सीएम को चिट्ठी लिखकर अनाथ बच्चों की मदद करने के लिए कहा है।

दिल्ली और इलाहाबाद के बाद इस विश्वविद्यालय ने बढ़ाया मदद का हाथ
दिल्ली और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के बाद, हिमाचल प्रदेश के इंडिया एजुकेशन सेंटर यूनिवर्सिटी (IEC University) ने भी कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि यह छात्रों के एक समूह को अपने वर्तमान परिवार, वित्तीय स्थिति और शैक्षणिक उपयुक्तता की जांच के बाद अपने परिसर में मुफ्त में पढ़ाई करने का अवसर प्रदान करेगा। जो छात्र इसके योग्य और उपयुक्त पाया जाता है, तो उसे अपनी शिक्षा पूरी करने और अपने जीवन के फिर से शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय से 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाएगी।

अनाथ बच्चों का डाटा जमा कर रही है दिल्ली यूनिवर्सिटी
दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के कार्यवाहक वाइस चांसलर पीसी जोशी ने एक बयान में कहा था कि विश्वविद्यालय कोविड -19 से मरने वाले कर्मचारियों की पेमेंट क्लियर करने और ऐसे सभी स्टूडेंट्स जिन्होंने इस महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है उन्हें मुफ्त शिक्षा देने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। ऐसे छात्रों का डेटा जमा किया रहा है ताकि उन छात्रों को यूनिवर्सिटी एजुकेशन की ओर से पूरी मदद मिल सके।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का क्या है प्लान? जानें
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) की पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO) जया कपूर ने कहा था कि, इस आपदा की वजह से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। देश में लगभग 9,000 बच्चों ने कोविड-19 की वजह से अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। यूनिवर्सिटी उन छात्रों के लिए अतिरिक्त सीटें और शिक्षा से संबंधित किसी भी अन्य शुल्क के साथ फीस की पूरी छूट भी होगी। इसके अलावा, जो बच्चे एडमिशन लेना चाहते हैं उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च यूनिवर्सिटी उठाएगी, इसके लिए छात्रों को सिर्फ माता-पिता का मृत्यु प्रमाण दिखाना होगा।

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