Career In Polytechnic: पॉलिटेक्निक के बाद चाहिए हाई सैलरी वाली जॉब तो ये हैं ऑप्शन, यहां देखें

हाइलाइट्स

  • कैसे कर सकते हैं पॉलिटेक्निक?
  • कौन-से डिप्लोमा के बाद मिलेगी अच्छी सैलरी?
  • यहां जानें प्राइवेट और सरकारी नौकरी के कितने मौके हैं

Career In Polytechnic After 12th: बारहवीं के बाद लाखों छात्र टेक्निकल फ़ील्ड में अपना करियर बनाने के इच्छुक होते है, ऐसे छात्रों में से हजारों छात्र पॉलिटेक्निक में दाखिला लेते हैं, लेकिन कॉलेज से पास आउट होने के बाद वो कंफ्यूज हो जाते है कि पॉलिटेक्निक के बाद आगे की पढ़ाई कैसे करें या पॉलिटेक्निक के बाद करियर विकल्प कौन-कौन सा है। इस लेख में हम आपको देंगे पूरी जानकारी।

एक नज़र पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पर (All About Polytechnic Diploma)
पॉलिटेक्निक शब्‍द Poly + Technic इन दोनों शब्दों के मिलने से बना है, जिसका मतलब है- बहुत सारी कलाओं का संस्थान या आसान भाषा में कहें तो एक ऐसा संस्थान जहां पर अलग-अलग कलाओं के बारे में अध्ययन किया जाता है। पॉलिटेक्निक एक ऐसा संस्थान है जहां पर विद्यार्थी इंजीनियर बनने के लिए आता है और हम ये भी कह सकते है इंजीनियर बनने की पहली सीढी ही पॉलिटेक्निक होता है। जहां पर छात्र को इंजीनियरिंग की बेसिक चीज़ों के बारे में स्टडीज कराया जाता है।

पॉलिटेक्निक कैसे करें (How To Do Polytechnic)
पॉलिटेक्निक के लिए दसवीं और बारहवीं पास करना जरूरी है, इसके बाद आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट कॉलेज से कर सकते है, लेकिन अगर आप सरकारी कॉलेज से करते है तो यह आपके लिए एक बेहतर चयन हो सकता है। सरकारी कॉलेज में प्राइवेट कॉलेज की अपेक्षा बहुत कम फीस लगती है और पढ़ाई भी बेहतर होते है। इस तीन वर्षीय डिप्लोमा को करने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना होता है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद आगे अध्ययन (Further Study After Polytechnic Diploma)
पॉलिटेक्निक एक टेक्नीकल डिप्लोमा होती है, इससे आपको अच्छी नौकरी पाने में बहुत आसानी होगी। लेकिन विभिन्न प्रकार की नौकरियों में जॉब की संभावना और हायर लेवल की नौकरियों के लिए अपनी योग्यता साबित करने के लिए डिप्लोमा करने के बाद भी अध्ययन करना जरुरी है। अगर आप हायर लेवल की जॉब पाने के लिए आपको आगे की पढाई जारी रखनी पड़ेगी। इसके लिए आप निम्नांकित कोर्सेज पर विचार कर सकते हैं।
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बीटेक लेटरल एंट्री स्कीम (B.Tech Lateral Entry Scheme)
पॉलीटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए सबसे लोकप्रिय और उपयुक्त विकल्प इंजीनियरिंग डोमेन से, बी.टेक या बीई का कोर्स करना है। इस कोर्स के लिए उम्मीदवारों को कॉलेज और पाठ्यक्रम के लिए संबंधित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। कई इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों को लेटरल एंट्री एडमिशन भी प्रदान करते हैं। लेटरल एंट्री का मतलब है कि आप सीधे दूसरे वर्ष में इंजीनियरिंग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। कुछ कॉलेजों ऐसे भी जिनमे में डिप्लोमा धारकों को लेटरल एंट्री योजना के माध्यम से प्रवेश के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है।

स्टडी डोमेन में ग्रेजुएशन (Graduation In Study Domain)
वहीं आप पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद अपने सम्बन्धित डोमेन में तीन साल के नियमित ग्रेजुएशन कोर्स में शामिल भी हो सकते है। यह विकल्प गैर-इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स, बीएससी, बीए, बीसी, और बीकॉम जैसे तीन साल के रेगुलर ग्रेजुएशन प्रोग्राम्स की अपेक्षा डिप्लोमा धारकों के लिए विशेष रूप से व्यावहारिक है। लेकिन इसके लिए उम्मीदवार के पास 12 वीं का रीजल्ट तथा डिप्लोमा का सर्टिफिकेट होना आवश्यक है तभी उन्हें इसमें एडमिशन मिल सकता है।

एआईएम सर्टिफिकेशन (AIM Certification)
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले डिप्लोमा धारकों के लिए एक और अन्य ऑप्शन्स एआईएम सर्टिफिकेशन कोर्स है, एएमआईआई सर्टिफिकेशन बीई के बराबर एक प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन डिग्री है, एआईएम सर्टिफिकेशन कोर्स को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग संस्थान, भारत द्वारा एआईएम प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है। एआईएम परीक्षा में दो खंड होते हैं और इस कोर्स को पूरा करने में लगभग 4 साल लगते हैं। हालांकि, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों को स्ट्रीम ए, यानि प्रोजेक्ट वर्क में शामिल होने की बहुत जरुरत नहीं होती है। इसलिए, वे केवल 3 वर्षों में ही एआईएम सर्टिफिकेशन कोर्स कर सकते हैं।
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रोजगार के अवसर (Employment Opportunities)
यह डिप्लोमा छात्रों को बेहतरीन फ़ील्ड और विभिन्न करियर अवसर प्रदान करता है इसीलिए पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को कई छात्र करियर के लिए बेहतरीन ऑप्शन मानते है। ऐसे में डिप्लोमा होल्डर्स पीएसयू की नौकरी कर सरकारी सेवा क्षेत्र में शामिल होने, निजी कंपनियों के साथ नौकरियाँ लेने या यहां तक कि अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का विकल्प चुन सकते हैं।

सरकारी क्षेत्र (Government Sector Jobs)
इनके लिए सरकारी तथा उनके सहयोगी सार्वजनिक क्षेत्र में बहुत सारे बेहतरीन नौकरी के अवसर प्रदान किये जाते है। इस तरह की कंपनियां जूनियर लेवल पोजिशन और टेकनीशियन स्तर की नौकरियों के लिए डिप्लोमा धारकों को अच्छी सैलरी के साथ जॉब प्रोवाइड करती है।

  • रेलवे
  • भारतीय सेना
  • लोक कार्य विभाग
  • सिंचाई विभाग
  • ओएनजीसी- तेल और प्राकृतिक गैस निगम
  • डीआरडीओ- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन
  • गेल- गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
  • भेल- भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
  • आईपीसीएल- इंडियन पेट्रो केमिकल्स लिमिटेड
  • एनटीपीसी- नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
  • बीएसएनएल- भारत संचार निगम लिमिटेड
  • बुनियादी ढांचा विकास एजेंसियां

निजी क्षेत्र (Private Sector Jobs Polytechnic Diploma)
सरकारी क्षेत्र की तरह ही निजी क्षेत्र की कंपनियां भी विशेष रूप से विनिर्माण, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स और टेकनीशियन स्तर में काम करने के लिए पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों को हायर करती हैं।
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निजी क्षेत्र की कंपनियां (Private Sector Companies)

  1. इलेक्ट्रिकल व पवार फर्म- टाटा पावर, बीएसईएस, सीमेंस, एल एंड टी आदि।
  2. मैकेनिकल इंजीनियरिंग फर्म- हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसीसी लिमिटेड, वोल्टस इत्यादि।
  3. कम्प्यूटर इंजीनियरिंग फर्म- टीसीएस, एचसीएल, विप्रो, पोलारिस इत्यादि।
  4. ऑटोमोबाइल- मारुति सुजुकी, टोयोटा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, बजाज ऑटो इत्यादि।
  5. एयरलाइंस- इंडिगो, स्पाइसजेट, जेट एयरवेज इत्यादि।
  6. संचार फर्म- भारती एयरटेल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, आइडिया सेल्युलर इत्यादि।
  7. निर्माण फर्म- यूनिटेक, डीएलएफ, जेपी एसोसिएटेड, जीएमआर इंफ्राए मित्स इत्यादि।

स्व-रोजगार (Self-Employed After Polytechnic Diploma)
इन डिप्लोमा धारकों के लिए एक बेहतर करियर विकल्प स्‍व-रोजगार है। यह क्षेत्र इसलिए भी लोकप्रिय है कि यहां पर छात्रों अपनी करियर में ग्रोथ की संभावना बहुत अधिक होती है जो की कही जॉब कर नहीं मिल पाती है। पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षण के समय सभी डिप्लोमा कोर्सेज में विशेष रूप से संबंधित विषय के व्यावहारिक या अनुप्रयोग सम्बन्धी पहलुओं पर छात्रों को मूल रूप से प्रशिक्षित करते हैं। यह छात्रों को विशेष रूप से मूल बातें सीखने के लिए तैयार करता है और अपना खुद का अपना व्यवसाय शुरू करने के काबिल बनाता है।

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