वर्ष 2021-22 के लिए CBSE ने बदला एग्जाम पैटर्न, क्लास 9 से 12वीं तक के लिए जरूरी अपडेट

हाइलाइट्स:

  • सीबीएसई क्लास 9 से 12 तक के एग्जाम पैटर्न में बदलाव
  • बोर्ड के ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट निदेशक ने दी जरूरी जानकारी
  • शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू होगा नया असेसमेंट प्रॉसेस

CBSE new exam pattern 2021-22: क्या आप सीबीएसई बोर्ड के स्टूडेंट हैं? क्लास 9, 10, 11 या 12 में पढ़ते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इन चारों कक्षाओं के लिए होने वाली परीक्षाओं के पैटर्न में बदलाव किया है। सीबीएसई का नया एग्जाम पैटर्न शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू होगा। क्या बदला गया है? जानने के लिए आगे पढ़ें…

एकेडेमिक सेशन 2021-22 के लिए सीबीएसई बोर्ड ने नया असेसमेंट और ईवैल्यूएशन पैटर्न तैयार किया है। बोर्ड के ट्रेनिंग एंड स्किल डेवलपमेंट विभाग के निदेशक विश्वजीत साहा ने बताया कि ‘नई मूल्यांकन प्रक्रिया कंपीटेंसी बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसमें परीक्षा के ओवरऑल मार्क्स और समय में कोई बदलाव नहीं है। क्वेश्चन पैटर्न बदला गया है।’

कैसा है नया सीबीएसई एग्जाम पैटर्न? (CBSE Exam Pattern 2021-22)
विश्वजीत साहा के अनुसार, ‘वर्तमान समय में जब होम स्कूलिंग और ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम से बच्चे पढ़ रहे हैं, ऐसे में मूल्यांकन के पारंपरिक तरीके व्यर्थ हो जाते हैं। अगर हम उसी पुराने पैटर्न को फॉलो करते रहे, तो वह स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों के लिए उचित नहीं होगा। इसलिए नये पैटर्न में कंपीटेंसी बेस्ड क्वेश्चंस की संख्या बढ़ाई गई है।’

क्लास 9-10 के लिए – क्लास 9 और 10 की परीक्षा में कंपीटेंसी बेस्ड क्वेश्चंस की संख्या 20 से बढ़ाकर 30 कर दिये गये हैं। इसमें मल्टीपल च्वाइस, केस आधारित और कोर्स आधारित इंटीग्रेडेट क्वेश्चंस पूछे जाएंगे। वहीं, प्रश्नपत्र के 20% सवाल ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे (पहले की तरह)। जबकि शॉर्ट और लॉन्ग आंसर टाइप सवालों की संख्या घटकर 50% रह जाएगी।

क्लास 11-12 के लिए – क्लास 11 और 12 की बात करें, तो पिछली बार की तरह कंपीटेंसी बेस्ड सवाल 20% होंगे। जबकि ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों की संख्या 10% से बढ़ाकर 20% कर दी गई है। वहीं, शॉर्ट और लॉन्ग आंसर टाइप सवाल 70% से घटाकर 60% कर दिये गये हैं।

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सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) के प्रावधानों के तहत ये बदलाव किये हैं। ताकि स्टूडेंट्स की रटने की आदत छुड़ाकर उन्हें क्रिएटिव बनाया जा सके और उनकी क्रिटिकल थिंकिंग की क्षमता विकसित की जा सकते। साहा ने बताया कि बोर्ड जल्द ही ‘लर्निंग के असेसमेंट’ से हटकर ‘लर्निंग के लिए असेसमेंट’ पर अपना फोकस शिफ्ट करेगा।

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बता दें कि सीबीएसई ने कोविड-19 के कारण 2021 की 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है। बिना परीक्षा स्टूडेंट्स को 11वीं में प्रमोट किया जाएगा। लेकिन उनका मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा, इस बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

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