करियर इन स्पेस साइंस: स्पेस की रहस्यमयी दुनिया में है इंस्ट्रेस्ट तो एस्ट्रोनॉमी में बनाएं करियर, देश- विदेश में मिलेंगे नौकरी के कई अवसर

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20 मिनट पहले

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एस्ट्रोनॉमी यानी स्पेस साइंस ब्रह्मांड की रिसर्च से जुड़ा साइंस है। इसमें पृथ्‍वी के वायुमंडल के बाहर होने वाली आकाशीय गतिविधियों और उनके निर्माण आदि से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में पढ़ाया जाता है। खासकर यह एक ऐसा सेक्टर है जिसको भविष्य में चुनौतीपूर्ण और रोजगार क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है। यह जितना रोचक है, उतनी ही मेहनत की भी मांग करता है।

अगर आप साइंस में दिलचस्पी रखते हैं, स्पेस साइंस में करियर बनाना चाहते हैं तो इसरो सहित कई जगह आपके लिए मौके हैं, यहां नौकरी के साथ-साथ आपको शोध के भी कई नए मौके मिलते रहेंगे।

क्या होनी चाहिए योग्यता

स्पेस साइंस में अपना कॅरियर बनाने के लिए आपको मैथ‍, फिजिक्स, केमेस्ट्री में ग्रेजुएट होना जरूरी है। कई यूनिवर्सिटी स्पेस साइंस में ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट कोर्स भी करवाती हैं। कई संस्थानों में तो स्पेस साइंस को लेकर शोध भी किए जा सकते हैं। इसरो में एमएससी, बीएससी, एमई और पीएचडी कर चुके स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन मौके हैं। इसके अलावा, इसरो में बीएससी और डिप्लोमा कर चुके स्‍टूडेंट्स को भी एडमिशन मिलता है।

स्पेशलाइज्ड फील्ड्स

एस्ट्रोनॉमी ब्रह्मांड का वैज्ञानिक अध्ययन है, खासतौर पर आकाशीय पिंडों की गति, स्थिति, आकार, संरचना और व्यवहार का। एस्ट्रोफिजिक्स एस्ट्रोनॉमी की शाखा है, जो तारों, आकाशगंगाओं और ब्रह्मांड के अध्ययन में इस्तेमाल होती है। एस्ट्रोबायोलॉजी में जीवन की शुरुआत, उद्भव और अस्तित्व की संभावना का अध्ययन शामिल है। एस्ट्रोकेमिस्ट्री में अंतरिक्ष में रासायनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

शोध के साथ कई अन्य संभावनाएं भी

स्पेस साइंस में करियर बनाने के कई विकल्प आज उपलब्ध हैं। पीजी या पीएचडी होल्डर अपना प्रोजेक्ट चला सकते हैं। इसरो, स्पेस फिजिक्स लेबोरेटरी, विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर और एबीबीए- बेंगलुरू में बहुत ही आकर्षक वेतन पर बहाली होती है। विदेशों में भी तारा-भौतिकी और खगोलशास्त्र में बहुत सारे प्रोग्राम चलाये जा रहे हैं जिसमें अभ्यर्थी प्रवेश ले सकते हैं।

इसके अलावा एस्ट्रोफिजिक्स, गैलैक्टिक साइंस, स्टेलर साइंस, रिमोट सेंसिंग, हाइड्रोलॉजी, कार्टोग्राफी, अर्थ प्लैनेट्री साइंस , बायॉलॉजी ऑफ अदर प्लेनेट्स, एस्ट्रोनॉटिक्स, स्पेस कोलोनाइजेशन, क्लाइमेटोलॉजी में काम कर सकते हैं। इस फील्ड में स्पेस साइंटिस्ट के अलावा मेट्रोलॉजिकल सर्विस, एनवायरनमेंटल मॉनिटरिंग, एस्ट्रोनॉमिकल डाटा स्टडी के साथ भी जुड़ा जा सकता है।

कैसे बनें एस्ट्रोनॉट

एस्ट्रोनॉट बनने के लिए फिटनेस के उच्चतम स्तर के साथ सही मेंटल एटीट्यूट होना जरूरी है। विपरीत परिस्थिति में तेजी से निर्णय लेने की शक्ति और असीम धैर्य इसके लिए आवश्यक है। इंजीनियरिंग, फिजिक्स, मैथेमेटिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या अर्थ साइंसेज की योग्यता आवश्यक है। कई मिशन स्पेशलिस्ट के पास पीएचडी की डिग्री भी होती है।

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